दिल्लीः केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए तीनों नए कृषि कानूनों का विरोध पिछले 8 महीने से चल रहा है। दिल्ली के बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों को अब दिल्ली के अंदर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति मिल गई है।

जंतर-मंतर पर अन्नदाता भारी सुरक्षा के बीच ‘किसान संसद’ शुरु करेंगे। सिंघु बॉर्डर से लेकर जंतर-मंतर तक भारी सुरक्षा के इंतजाम भी किए गए हैं।

दिल्ली LG अनिल बैजल ने अन्नदाताओं को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक प्रदर्शन करने की अनुमित दी है। साथ ही 9 अगस्त तक हर दिन 200 अन्नदाता ही जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर सकेंगे।

दिल्ली पुलिस के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कृषि कानून का विरोध कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा को एक शपथ पत्र देने के लिए कहा गया है।

इस शपथ पत्र में कोविड नियमों का पालन करने और शांतिपूर्ण आंदोलन करने की बात कही गई है। संयुक्त किसान मोर्चा का कहना है कि मॉनसून सत्र यदि 13 अगस्त को खत्म भी हो जाता है तो भी वो अगस्त के अंत तक विरोध प्रदर्शन करेंगे। आपको बता दें कि दिल्ली के राज्यपाल अनिल बैजल ने केवल 9 अगस्त तक ही प्रदर्शन की अनुमति दी है।

केलव 200 अन्नदातों को एंट्री

26 जनवरी 2021 को दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान हुई हिंसा के बाद पहली बार प्रदर्शन कर रहे अन्नदाताओं को दिल्ली में घुसने की अनुमति मिली है।

दिल्ली के राज्यपाल अनिल बैजल ने पहले की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए केवल 200 किसानों को ही जंतर-मंतर में प्रदर्शन करने की अनुमति दी है।