गृहमंत्री अमित शाह ने 21 मार्च को राज्यसभा में गृह मंत्रालय की कार्यप्रणाली पर चर्चा के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बीते 10 वर्षों में देश में ऐतिहासिक बदलाव हुए हैं, जो स्वतंत्रता के बाद अब तक नहीं देखे गए थे।
नक्सलवाद का खात्मा और विकास कार्य
अमित शाह ने नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और 31 मार्च 2026 तक देश को इससे मुक्त करने का लक्ष्य रखा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक राजनीतिक विषय नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा और विकास से जुड़ा गंभीर मसला है। सरकार नक्सल प्रभावित इलाकों में बुनियादी ढांचे, शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाकर वहां के नागरिकों को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास कर रही है।
गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में अब तक 90 नक्सली मारे गए हैं, 104 गिरफ्तार हुए हैं और 164 ने आत्मसमर्पण किया है। वहीं, 2024 में 290 नक्सलियों को निष्क्रिय किया गया, 1090 को गिरफ्तार किया गया और 881 ने आत्मसमर्पण किया।
आतंकवाद के खिलाफ सरकार की नीति
गृहमंत्री ने कहा कि मोदी सरकार आतंकवाद के प्रति “शून्य सहिष्णुता” (Zero Tolerance) की नीति पर काम कर रही है। पहले आतंकी हमलों के बाद ठोस कार्रवाई नहीं होती थी, लेकिन उरी और पुलवामा हमलों के बाद भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक कर कड़ा संदेश दिया।
उन्होंने बताया कि 2019 से 2024 के बीच जम्मू-कश्मीर में 40,000 सरकारी नौकरियां दी गईं और 1.51 लाख लोगों को स्वरोजगार के अवसर मिले। इन प्रयासों के कारण आतंकवादी घटनाओं और संबंधित हताहतों की संख्या में 70% तक कमी आई है।
अनुच्छेद 370 हटाने से कश्मीर में बदलाव
गृहमंत्री ने अनुच्छेद 370 हटाने को ऐतिहासिक निर्णय बताया और कहा कि यह देश की सुरक्षा और एकता को सुनिश्चित करने के लिए लिया गया कदम था। उन्होंने कहा कि अब हर साल लाल चौक पर तिरंगा फहराया जाता है, जो पहले संभव नहीं था।
राष्ट्रीय सुरक्षा और गृह मंत्रालय में बदलाव
शाह ने कहा कि कानून और व्यवस्था राज्यों की जिम्मेदारी है, लेकिन कई अपराध अब बहुराज्यीय हो गए हैं। साइबर अपराध, ड्रग ट्रैफिकिंग, संगठित अपराध और हवाला जैसे मामलों को देखते हुए गृह मंत्रालय में आवश्यक सुधार किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते दस वर्षों में राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। सरकार की प्रतिबद्धता है कि भारत की सीमाएं और आंतरिक सुरक्षा मजबूत बनी रहे।

