हरियाणा के कुरुक्षेत्र में यज्ञ में गोली चलने की घटना हुई है जिसमें गोली लगने से एक युवक घायल भी हो गया है. सूत्रों के मुताबिक अलग-अलग राज्य से यज्ञ करने के लिए जिन ब्राह्मणों को बुलाया गया था उन पर भी बाउंसरों ने जम कर लाठियां चलाई हैं. बताया जा रहा है कि ये सारा मामला ब्राह्मणों को बासी खाना देने की वजह से हुआ है.
गोली लगने से घायल युवक का आशीष बताया है जो उत्तर प्रदेश के लखनऊ का रहने वाला है, वहीं लखीमपुर खीरी का रहने वाला प्रिंस सिर में पत्थर लगने की वजह से घायल हो गया है.
कुरुक्षेत्र के केशव पार्क में आयोजित महायज्ञ में आज सुबह बाउंसरों ने फायरिंग इसमें एक ब्राह्मण भी गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसके बाद यज्ञशाला में तोड़-फोड़ भी की गई.
बासी भोजन से बवाल
सूत्रों के मुताबिक यज्ञ में उपस्थित होने आए ब्राह्मणों को बासी भोजन खाने के लिए दिया गया, जिसका विरोध करने पर आयोजकों के सुरक्षा गार्डों और भोजन करने बैठे ब्राह्मणों में काफी तीखी बहस हो गई.
इस दौरान सुरक्षा गार्डों ने गुस्से में आकर फायरिंग करना शुरू कर दिया. जिसमें लखनऊ से यज्ञ में शामिल होने गए आशीष को गोली लग गई और उन्हें घायल अवस्था में LNJP हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया.
बाबा के बाउंसरों ने नहीं रखा खुद पर काबू
कुरुक्षेत्र के केशव पार्क में 1008 कुंडीय शिव-शक्ति महायज्ञ का आरंभ 18 मार्च को हुई था. इस महायज्ञ में देशभर से 1500 से ज्यादा ब्राह्मणों को आमंत्रित किया गया था. इन सभी ब्राह्मणों के रहने और खाने की व्यवस्था आयोजकों की तरफ से की गई थी. ब्राह्मणों ने बताया कि सुरक्षा गार्ड पहले दिन से ही उन्हें परेशान कर रहे थे वो किसी न किसी बात मारपीट करने लग जाते थे.
इस महायज्ञ का समापन 27 मार्च को होना है जिसमें हरियाणा BJP अध्यक्ष मोहन लाल, मुख्यमंत्री नायब सैनी की पत्नी सुमन सैनी, पूर्व सांसद सुनीत दुग्गल सहित पार्टी के कई बड़े नेता शामिल हो चुके हैं.
कौन हैं खुद यज्ञ सम्राट कहने वाले स्वामी हरिओम?
इस 1008 कुंडीय महायज्ञ को कराने का संकल्प स्वामी हरिओम ने लिया है. मिली जानकारी के मुताबिक स्वामी हरिओम ने 108 यज्ञ कराने का वचन लिया हुआ है. यह स्वामी हरिओम का 102वां महायज्ञ था, लेकिन अब ये यज्ञ भंग हो चुका है.
सेना की वर्दी में क्यों रहते हैं बाउंसर?
स्वामी हरिओम का दावा है कि वो विश्व कल्याण के लिए महायज्ञ का आयोजन कर रहे हैं लेकिन साथ में चलने वाले रक्षसी प्रवृत्ति के बाउंसरों ने बाबा की तपस्या को भंग कर दिया है. भारतीय सेना की वर्दी में बाबा के साथ चलने वाले बाउंसर असली है या फिर नकली अब इस पर भी सवाल उठने लगे हैं.

