गुरुवार को लोकसभा में ‘इमिग्रेशन और फॉरेनर्स बिल 2025’ को मंजूरी दे दी गई, जिससे देश की सुरक्षा को और मजबूत करने और विदेशी नागरिकों के प्रवास को प्रभावी रूप से मॉनिटर करने का रास्ता साफ हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस बिल को भारत की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और वैश्विक पहचान के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया।
बिल के मुख्य बिंदु:
- 360 डिग्री स्क्रीनिंग प्रणाली: अब हर विदेशी नागरिक के प्रवेश, ठहराव और उद्देश्यों का संगठित और डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा। 24 विभिन्न मानकों पर निगरानी रखी जाएगी, जिससे अवैध प्रवासियों और अपराधियों पर कड़ी नजर रखी जा सके।
- IVFRT प्रणाली को कानूनी मान्यता: इमिग्रेशन, वीजा और फॉरेनर्स रजिस्ट्रेशन और ट्रैकिंग (IVFRT) प्रणाली को कानूनी आधार दिया गया है, जिससे तय अवधि से अधिक ठहरने वालों और अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने वालों की पहचान और कार्रवाई आसान होगी।
- फॉरेनर्स आइडेंटिफिकेशन पोर्टल: देशभर के 700 से अधिक जिलों में यह पोर्टल लागू किया गया है, जिससे विदेशी नागरिकों की सटीक जानकारी दर्ज और ट्रैक की जा सकेगी।
- तेज और प्रभावी इमिग्रेशन प्रक्रिया: पहले जहाँ इमिग्रेशन चेक में 4-5 मिनट लगते थे, अब यह प्रक्रिया मात्र 1-2 मिनट में पूरी हो जाएगी। आठ प्रमुख हवाई अड्डों पर ‘फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन – ट्रस्टेड ट्रैवलर प्रोग्राम’ (FTI-TTP) लागू किया गया है, जिससे विश्वसनीय यात्रियों की स्क्रीनिंग केवल 30 सेकंड में हो सकेगी।
ई-वीजा की सुविधा में विस्तार
भारत सरकार ने ऑनलाइन टूरिस्ट वीजा की सुविधा को अब 169 देशों तक बढ़ा दिया है, जो पहले केवल 10 देशों तक सीमित थी। अब ई-वीजा की 9 श्रेणियाँ उपलब्ध हैं:
- ई-टूरिस्ट वीजा
- ई-बिजनेस वीजा
- ई-मेडिकल वीजा
- मेडिकल अटेंडेंट वीजा
- ई-आयुष वीजा
- ई-कॉन्फ्रेंस वीजा
- ई-स्टूडेंट वीजा
- ई-स्टूडेंट डिपेंडेंट वीजा
अर्थव्यवस्था और वैश्विक प्रभाव
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह बिल भारत की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा। उन्होंने बताया कि पिछले 10 वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था 11वें स्थान से 5वें स्थान पर पहुँच गई है, और 2027 तक इसे दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
अवैध गतिविधियों पर सख्ती
इस कानून के तहत अवैध घुसपैठ, ड्रग्स, हथियार और हवाला कारोबार जैसे अपराधों पर सख्त कार्रवाई होगी। पहले इमिग्रेशन से जुड़े चार अलग-अलग कानूनों में कई कमियाँ थीं, जिन्हें इस नए कानून से दूर किया गया है।
शरणार्थियों और अवैध प्रवासियों के लिए कड़ा रुख
भारत में हर साल लगभग 50,000 से 70,000 लोग शरण लेने आते हैं, जिनमें से अधिकतर पड़ोसी देशों से होते हैं। गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि CAA के तहत आने वाले शरणार्थियों को नागरिकता मिलेगी, लेकिन अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
‘इमिग्रेशन और फॉरेनर्स बिल 2025’ भारत की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और वैश्विक पहचान को नई मजबूती देने वाला कानून है। यह न केवल विदेशी नागरिकों की सटीक निगरानी सुनिश्चित करेगा, बल्कि देश के विकास और सुरक्षा को भी एक नया आयाम देगा।

