उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कानून-व्यवस्था संभालने का बुलडोजर मॉडल अब महाराष्ट्र में भी देखने को मिल रहा है। नागपुर में हाल ही में हुई हिंसा के मास्टरमाइंड फहीम खान के अवैध निर्माण पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर सख्त संदेश दे दिया। नागपुर महानगर पालिका (NMC) ने फहीम खान के घर को अवैध कब्जा मानते हुए 24 घंटे के भीतर हटाने का नोटिस जारी किया था। निर्धारित समयसीमा समाप्त होते ही प्रशासन ने संजय बाग कॉलोनी स्थित उसके दो मंजिला मकान के एक हिस्से को ध्वस्त कर दिया।
नागपुर हिंसा की साजिश का खुलासा
पुलिस जांच में सामने आया कि नागपुर में हुई हिंसा पहले से ही सुनियोजित थी। फहीम खान, जो अल्पसंख्यक लोकतांत्रिक पार्टी का नेता है, ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट शेयर किए और वॉट्सऐप के जरिए भीड़ को इकट्ठा कर दंगा भड़काने की कोशिश की।
साइबर सेल के डीसीपी लोहित मतानी के मुताबिक, फहीम खान ने औरंगजेब के खिलाफ प्रदर्शन का एक वीडियो एडिट कर सोशल मीडिया पर फैलाया, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। इसके अलावा, उसने हिंसा से जुड़े वीडियो को भी प्रमोट किया। पुलिस ने 19 मार्च को उसे गिरफ्तार कर लिया था और वह इस वक्त पुलिस हिरासत में है।
दंगाइयों के खिलाफ सख्त रुख
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पहले ही साफ कर चुके थे कि दंगाइयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने उत्तर प्रदेश की तर्ज पर ऐलान किया कि हिंसा में शामिल लोगों के घरों पर बुलडोजर चलेगा और सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई भी उन्हीं से कराई जाएगी। इसी नीति के तहत फहीम खान के घर पर यह कार्रवाई की गई।
कैसे हुई बुलडोजर कार्रवाई?
सोमवार सुबह 10 बजे से पहले ही संजय बाग कॉलोनी में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। इसके बाद नगर निगम की टीम जेसीबी मशीन लेकर पहुंची और तोड़फोड़ की प्रक्रिया शुरू कर दी। महाराष्ट्र में यह पहली बार हुआ है जब किसी दंगे के आरोपी की संपत्ति पर इस तरह की कार्रवाई की गई है।
यह कदम सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाता है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि शहर में अशांति फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। नागपुर में हुई इस कार्रवाई से साफ है कि अब महाराष्ट्र में भी कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए योगी आदित्यनाथ का बुलडोजर मॉडल अपनाया जा रहा है।

