अपने आराध्य के दर पर सीएम योगी आदित्यनाथ!

अपने आराध्य के दर पर सीएम योगी आदित्यनाथ!

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार, 21 मार्च को अयोध्या (Ayodhya) पहुंचे। अपनी यात्रा की शुरुआत उन्होंने हनुमानगढ़ी मंदिर (Hanuman Garhi Temple) में पूजन-अर्चन से की और संकट मोचन हनुमान के चरणों में शीश नवाया। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद संतों से...
देश की सुरक्षा से समझौता नहीं, राज्यसभा में गरजे गृहमंत्री शाह

देश की सुरक्षा से समझौता नहीं, राज्यसभा में गरजे गृहमंत्री शाह

गृहमंत्री अमित शाह ने 21 मार्च को राज्यसभा में गृह मंत्रालय की कार्यप्रणाली पर चर्चा के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बीते 10 वर्षों में देश में ऐतिहासिक बदलाव हुए हैं, जो स्वतंत्रता के बाद अब तक नहीं देखे गए थे। नक्सलवाद का खात्मा और...
जस्टिस यशंवत पर अफवाह, SC ने भी दी सफाई 

जस्टिस यशंवत पर अफवाह, SC ने भी दी सफाई 

दिल्ली: देश की न्यायपालिका एक बार फिर अफवाहों और गलत जानकारी की चपेट में आ गई है। हाल ही में जस्टिस यशवंत वर्मा के ट्रांसफर को लेकर कई तरह की बातें सामने आईं, जिनमें से कई बिना किसी ठोस आधार के थीं। सुप्रीम कोर्ट ने इन खबरों को सिरे से नकारते हुए साफ किया कि जस्टिस...
सीएम देवेंद्र का एक्शन, ऐसे लोगों पर मंडराए संकट के बादल

सीएम देवेंद्र का एक्शन, ऐसे लोगों पर मंडराए संकट के बादल

मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए 40,000 से अधिक बांग्लादेशी नागरिकों के जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) को रद्द करने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में यह फैसला उन लोगों की पहचान के लिए लिया गया है,...
महाकुंभ के बाद प्रयागराज से अच्छी खबर, बदल रहा है स्तर!

महाकुंभ के बाद प्रयागराज से अच्छी खबर, बदल रहा है स्तर!

प्रयागराज से एक शानदार और उत्साहजनक खबर सामने आई है! हाल ही में समाप्त हुए भव्य महाकुंभ के बाद गंगा नदी में 6000 से अधिक डॉल्फ़िन देखी गई हैं, जिससे वैज्ञानिक और पर्यावरणविद् भी चकित हैं। इसके अलावा, विदेशी पक्षियों का प्रवास अभी भी जारी है, जो यह दर्शाता है कि गंगा...
बसपा का सफर – एक उम्मीद, जो आज सवालों के घेरे में है

बसपा का सफर – एक उम्मीद, जो आज सवालों के घेरे में है

दिल्ली: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने भारतीय राजनीति में एक ऐसा अध्याय लिखा, जिसने दलितों, पिछड़ों और वंचित समुदायों को आवाज दी। कांशीराम के नेतृत्व में साल 1984 में शुरू हुई यह यात्रा उम्मीदों से भरी थी। लेकिन आज, जब हम इस पार्टी के मौजूदा हालात को देखते हैं, तो मन में...