उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव के गौशाला और दुर्गंध संबंधी बयान के बाद जबरदस्त घमासान मचा हुआ है। बीजेपी ने इस बयान को हिंदू आस्था और गौ-सेवा विरोधी करार देते हुए अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है।

इस बीच बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने भी अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनका बयान पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, “अखिलेश यह नहीं बता पा रहे कि दुर्गंध गाय से आ रही है या गोबर से? लगता है वह कहना कुछ और चाहते हैं, लेकिन बोल कुछ और रहे हैं।”

अखिलेश यादव का ‘गौशाला विरोधी’ बयान

कन्नौज में एक जनसभा के दौरान अखिलेश यादव ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा था कि “बीजेपी को दुर्गंध पसंद है, इसलिए वह गौशालाएं बना रही है।” उन्होंने यह भी दावा किया कि इन गौशालाओं की हालत किसी से छिपी नहीं है। इसके जवाब में अखिलेश ने अपनी पार्टी को अलग बताते हुए कहा कि “समाजवादी पार्टी को सुगंध पसंद है, इसलिए हमने इत्र पार्क बनाए।”

BJP का जवाब– ‘जड़ों से कट चुके हैं अखिलेश’

इस बयान के तुरंत बाद यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी हमला बोलते हुए कहा कि अगर “एक किसान का बेटा गोबर से दुर्गंध महसूस करने लगे तो इसका मतलब है कि वह अपनी जड़ों से पूरी तरह कट चुका है।”

उन्होंने प्रसिद्ध साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद का हवाला देते हुए कहा कि, “जिसे गोबर से दुर्गंध आने लगी, उसके लिए अकाल निश्चित है।” मौर्य ने यह भी कहा कि “अखिलेश यादव और उनकी पार्टी का अंत अब निश्चित है।”

क्या अखिलेश यादव ने राजपूत समाज को भी किया नाराज़?

बीजेपी नेताओं का कहना है कि अखिलेश यादव का बयान हिंदू आस्थाओं और राजपूत समुदाय का अपमान है, क्योंकि गौसेवा को राजपूत समाज विशेष रूप से सम्मान देता है। पार्टी प्रवक्ताओं ने अखिलेश के बयान को राजपूत विरोधी बताते हुए कहा कि “सपा हमेशा से ही हिंदू परंपराओं का विरोध करती रही है, और अब वह खुलेआम गौशालाओं का भी अपमान कर रही है।”

यूपी में सियासी घमासान तेज

इस पूरे घटनाक्रम के बाद यूपी की सियासत गरमा गई है और बीजेपी बनाम समाजवादी पार्टी की ज़ुबानी जंग लगातार तेज होती जा रही है।