केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ते (DA) में 2% की वृद्धि को मंजूरी दे दी है। अब यह बढ़कर 55% हो गया है, जो पहले 53% था। इस फैसले से लगभग एक करोड़ सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को सीधा फायदा मिलेगा। वेतन आयोग से पहले आई यह बढ़ोतरी वेतन और पेंशन में इजाफा लाएगी।


दो बार साल में बढ़ता है महंगाई भत्ता

सरकार प्रत्येक वर्ष जनवरी और जुलाई में महंगाई भत्ते की समीक्षा करती है। इसी प्रक्रिया के तहत पेंशनर्स को भी महंगाई राहत (DR) प्रदान की जाती है। हालांकि, इस बार की वृद्धि पिछले सात वर्षों में सबसे कम बताई जा रही है। इससे पहले 2018 में भी केवल 2% की ही बढ़ोतरी हुई थी।

पिछले वर्ष अक्टूबर में सरकार ने DA में 3% और मार्च में 4% की वृद्धि की थी। महंगाई भत्ते की गणना ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) के आधार पर की जाती है, जिसमें पिछले 12 महीनों के डेटा का विश्लेषण किया जाता है।

सैलरी और पेंशन पर असर

उदाहरण के लिए, यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 36,500 रुपये है, तो अभी उसे 19,345 रुपये DA मिल रहे थे। 2% की बढ़ोतरी के बाद यह राशि 20,075 रुपये हो जाएगी। इसी तरह, यदि किसी पेंशनर की मूल पेंशन 9,000 रुपये है, तो पहले 4,770 रुपये DR मिल रहे थे, जो अब 4,950 रुपये हो जाएंगे। इसके अलावा, उन्हें जनवरी से एरियर का भुगतान भी मिलेगा।

सरकारी कर्मचारियों को क्या लाभ?

इस फैसले से सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स की मासिक आय में वृद्धि होगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। महंगाई के दौर में यह बढ़ोतरी उनके लिए राहत लेकर आएगी।