सुल्तानपुर में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमराती नजर आ रही है। जिस पुलिस को अपराधियों पर लगाम कसनी चाहिए, वही पुलिस यहां दबंगों की ढाल बनी हुई है। ताजा मामला दबंग काजिम का है, जिसकी गुंडागर्दी दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। हाल ही में पत्रकार नारायण राय की गाड़ी रोककर उन्हें धमकाने की घटना सामने आई है। इससे पहले पत्रकार महेश शर्मा ने भी इस गुंडे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन पुलिस की लचर कार्रवाई के चलते काजिम आज भी खुलेआम आतंक मचा रहा है। इतना ही नहीं, आरोपी काजिम ने महेश शर्मा और नारायण राय को खुलेआम जान से मारने की धमकी दी है, जिससे दोनों पत्रकारों की जान पर खतरा मंडरा रहा है। अगर इन दोनों को काजिम की सरपरस्ती में कुछ भी होता है तो शायद इसकी जिम्मेदार सुल्तानपुर पुलिस और प्रशासन ही होगा।


पुलिस का संरक्षण या अपराधियों से मिलीभगत?

काजिम के खिलाफ पहले से ही लगभग 6 से ज्यादा संगीन मुकदमे दर्ज हैं, लेकिन इसके बावजूद वह बेखौफ घूम रहा है। SP सुल्तानपुर ने इस पर गैंगस्टर एक्ट लगाकर जेल भेजने के आदेश दिए थे, मगर कोतवाली पुलिस ने उन आदेशों को ठंडे बस्ते में डाल दिया। सवाल उठता है कि पुलिस आखिर किसके दबाव में काम कर रही है? क्या काजिम की सत्ता के गलियारों तक पहुंच है, जो उसे कानून से ऊपर बना रही है?

वर्दी की आड़ में डर का साम्राज्य

काजिम न सिर्फ अवैध वसूली करता है, बल्कि पुलिस की टोपी पहनकर फोटो खिंचवाता है और खुद को प्रशासन का करीबी बताकर लोगों को धमकाता है। खासकर लखनऊ रोड पर इसका आतंक इस कदर बढ़ गया है कि टैक्सी संचालक और आम लोग खौफ में जीने को मजबूर हैं। जो भी इसका विरोध करता है, उसे धमकी देकर चुप करा दिया जाता है।

पत्रकारों पर हमले, लोकतंत्र पर खतरा

पहले महेश शर्मा और अब नारायण राय को धमकाने की घटना यह बताती है कि काजिम को पुलिस का पूरा संरक्षण प्राप्त है। जब पत्रकार, जो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ माने जाते हैं, सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता का क्या हाल होगा? पुलिस की चुप्पी क्या भ्रष्टाचार पर उसकी मुहर नहीं लगाती?

क्या पुलिस दबंगों के आगे नतमस्तक है?

नगर कोतवाल का कहना है कि यह मामला अवैध टैक्सी संचालन के वर्चस्व की लड़ाई से जुड़ा है और जल्द कार्रवाई की जाएगी। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जब एसपी खुद आरोपी को जेल भेजने का आदेश दे चुके हैं, तो पुलिस अब तक हाथ पर हाथ धरे क्यों बैठी है? क्या यह साबित नहीं करता कि सुल्तानपुर पुलिस दबंगों के आगे नतमस्तक हो चुकी है?

काजिम का वसूली वाला धंधा

इस वीडियो में साफ-साफ देख और सुन सकते हैं कि कैसे काजिम अपने साथियों के साथ मिलकर सुल्तानपुर में वसूली का धंधा चला रहा है। इसे ना तो पुलिस का कोई खौफ है और ना ही प्रशासन का कोई डर। इसके 3 वीडियो को आप देख सकते हैं जिसमें ये सरे आम लोगों को गालियां देता दिखाई दे रहा है। इसके बाद सुल्तानपुर पुलिस की आंखों से पट्टी नहीं उतर रही है।

पत्रकारों ने मुख्यमंत्री योगी से लगाई गुहार

दबंग काजिम की बढ़ती धमकियों और पुलिस की उदासीनता से परेशान होकर पत्रकार महेश शर्मा और नारायण राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपनी जान की सुरक्षा की गुहार लगाई है। दोनों पत्रकारों ने साफ कहा है कि अगर जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो उनकी जान को गंभीर खतरा हो सकता है। सवाल यह उठता है कि क्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक यह संदेश पहुंचेगा, या फिर पुलिस प्रशासन इसी तरह अपराधियों के आगे घुटने टेकता रहेगा?

अगर पुलिस का यही रवैया रहा, तो वह दिन दूर नहीं जब सुल्तानपुर अपराधियों की शरणस्थली बन जाएगा। सवाल यह है कि क्या सुल्तानपुर के लोग ऐसे ही भय के साए में जीते रहेंगे, या फिर प्रशासन कोई ठोस कदम उठाएगा? अब देखना यह है कि पुलिस जनता की सुरक्षा करेगी या दबंगों की दलाली?