नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में आपदा प्रबंधन (संशोधन) विधेयक-2024 पर चर्चा के दौरान इसे देश के लिए एक अहम कदम बताया। उन्होंने कहा कि भारत को आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक मजबूत ताकत के रूप में स्थापित करने के लिए इस विधेयक की जरूरत है। अमित शाह ने जोर देकर कहा कि यह सरकार की नहीं, बल्कि देश की सफलता की कहानी है, जिसे और आगे ले जाना आवश्यक है।

आपदा प्रबंधन अधिनियम में बदलाव क्यों जरूरी?

अमित शाह ने बताया कि 2005 में लागू किए गए आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर पर प्रबंधन निकायों का गठन किया गया था। लेकिन समय के साथ आपदाओं के स्वरूप और प्रभाव में बदलाव आया है, खासकर जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग के कारण। इस बदलाव को ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन प्रणाली को नए सिरे से सशक्त बनाने की जरूरत है।

गृह मंत्री ने कहा कि इस विधेयक में 87% सुझावों को शामिल किया गया है, जो दर्शाता है कि सरकार इस विषय पर हर पक्ष की भागीदारी सुनिश्चित करना चाहती है

राज्यों की भूमिका बनी रहेगी, केंद्र करेगा सहयोग

विपक्ष की आशंकाओं को खारिज करते हुए अमित शाह ने स्पष्ट किया कि इस संशोधन से सत्ता का केंद्रीकरण नहीं होगाराज्य सरकारें आपदा प्रबंधन की मुख्य जिम्मेदारी निभाती रहेंगी, लेकिन केंद्र सरकार का सहयोग आपदाओं से निपटने को और प्रभावी बनाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार तकनीक के बेहतर इस्तेमाल पर जोर दे रही है। अब रेडियो चेतावनी प्रणाली की जगह मोबाइल आधारित चेतावनी प्रणाली अपनाई जाएगी, जिससे आपदाओं के समय लोगों तक सही और तेज़ जानकारी पहुंचेगी

अगले 15-20 साल तक नहीं होगी जरूरत बदलाव की– अमित शाह

गृह मंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि अगले 15-20 वर्षों तक किसी अन्य दल को इस क्षेत्र में हस्तक्षेप करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। मौजूदा सरकार आपदा प्रबंधन को नए आयाम पर ले जाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

भारत को वैश्विक स्तर पर मजबूत करने की दिशा में कदम

अमित शाह ने कहा कि यह विधेयक भारत को आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित करने के लिए लाया गया है। उन्होंने इस विधेयक को राजनीतिक चश्मे से न देखने की अपील की, क्योंकि यह देश की आपदा प्रबंधन क्षमता को मजबूत करने और जनसुरक्षा बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

यह विधेयक देश की आपदा प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करने के लिए एक अहम प्रयास है। केंद्र और राज्य सरकारों के बेहतर तालमेल से आपदा के समय नागरिकों को अधिक सुरक्षा और राहत मिलेगी