अयोध्या में राम भक्तों के लिए एक और बड़ी खुशखबरी आई है। राम मंदिर ट्रस्ट मई के पहले 15 दिनों के अंदर शुभ मुहूर्त पर राम दरबार की स्थापना करने जा रहा है। ये दरबार मंदिर के प्रथम तल पर बनेगा, जहां भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की मूर्तियां स्थापित की जाएंगी। इस ऐतिहासिक मौके पर भव्य पूजा-अर्चना और विशेष अनुष्ठान होंगे।
राम दरबार दर्शन के लिए पास की व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ नियंत्रण के लिए राम दरबार में दर्शन के लिए पास की व्यवस्था होगी। जहां हर घंटे सिर्फ 50 लोग ही दर्शन कर सकेंगे।
एक दिन में करीब 800 लोग राम दरबार में भगवान के दर्शन कर पाएंगे। राम दरबार के दर्शन के लिए राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट की तरफ से भक्तों के लिए पास भी जारी किया जाएगा।
राम मंदिर निर्माण का काम तेजी से जारी
अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण पूरे जोर-शोर से जारी है। भवन निर्माण समिति की हालिया बैठक में कई अहम फैसले लिए गए हैं। 20 नई गैलरी के निर्माण का काम आज से शुरू हो रहा है। इनमें भगवान राम के जीवन से जुड़े प्रसंगों को दर्शाया जाएगा। राम मंदिर का संपूर्ण निर्माण कार्य दिसंबर 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा। मंदिर परिसर में भव्य ऑडिटोरियम भी बनेगा, लेकिन इसका काम 2025 के बाद पूरा होगा।
भगवान श्रीराम का सूर्य तिलक होगा हर साल
राम मंदिर की भव्यता को और बढ़ाने के लिए भगवान श्रीराम के सूर्य तिलक की परंपरा शुरू की जा रही है। हर साल रामनवमी के दिन भगवान सूर्य, रामलला का सूर्य तिलक करेंगे। यह ऐतिहासिक परंपरा अगले 20 वर्षों तक जारी रहेगी। सूर्य तिलक का यह अद्भुत नजारा देश और विदेश में लाइव प्रसारित किया जाएगा।
राम मंदिर के चारों प्रवेश द्वारों के नाम जल्द घोषित होंगे
राम मंदिर ट्रस्ट मंदिर के चारों प्रवेश द्वारों का नामकरण करने जा रहा है। द्वारों का नाम उन महापुरुषों के नाम पर रखा जाएगा, जिन्होंने राम मंदिर आंदोलन में अहम भूमिका निभाई थी। रामनवमी के अवसर पर चंपत राय इसकी घोषणा कर सकते हैं।
श्रद्धालुओं के लिए गर्मी से बचाव की खास व्यवस्था
गर्मी को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अस्थायी तौर पर कैनोपी और मैट बिछाने की योजना बनाई गई है। रामनवमी के दौरान जरूरत पड़ी तो कैनोपी और मैट की व्यवस्था की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं को तेज धूप से राहत मिले।
योगी राज में पूरा हो रहा 450 सालों का सपना
अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हिंदू समाज के 450 साल पुराने सपने के साकार होने का प्रतीक है। जिस राम मंदिर के लिए सदियों तक संघर्ष हुआ, वह आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में साकार हो रहा है। जहां पहले रामलला टेंट में विराजमान थे। वहीं अब वह अपने भव्य मंदिर में विराजमान हो रहे हैं। यह ऐतिहासिक पल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के राम भक्तों के लिए गर्व का क्षण है।
दिसंबर 2025 तक मंदिर का संपूर्ण निर्माण कार्य पूरा होने के बाद अयोध्या न सिर्फ श्रद्धालुओं के लिए बल्कि भारतीय संस्कृति और आस्था का एक भव्य केंद्र बन जाएगा। रामलला के भक्तों के लिए अब वह दिन दूर नहीं जब वे अपने आराध्य के दर्शन भव्य मंदिर में कर सकेंगे।

