भारत में इनकम टैक्स से जुड़े कानून में बड़ा बदलाव होने वाला है। 63 साल पुराने इस कानून को अब नया रूप देने की तैयारी चल रही है। सरकार का इरादा है कि अगले बजट सत्र में एक नया विधेयक पेश किया जाए, जो टैक्स प्रणाली को सरल और आधुनिक बना सके।
मौजूदा इनकम टैक्स कानून की कई धाराएं अब उतनी प्रासंगिक नहीं रहीं। यह कहना गलत नहीं होगा कि यह सिस्टम करदाताओं और अधिकारियों के लिए कई बार परेशानी का सबब बन जाता है। नए कानून का मकसद इसे ज्यादा पारदर्शी और करदाताओं के लिए सुविधाजनक बनाना है।
पुराने कानून को हटाने का मकसद
सरकार की योजना है कि पुराने जटिल प्रावधानों को हटाकर, डिजिटल युग के हिसाब से नई सुविधाओं को जोड़ा जाए। वित्त मंत्रालय ने कहा है कि बदलावों को देश की तेजी से बदलती डिजिटल अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है।
लेकिन ऐसा नहीं है कि यह बदलाव एकदम आसान होगा। सरकार के सामने चुनौती यह है कि एक तरफ टैक्स प्रणाली को सरल बनाया जाए, तो दूसरी तरफ यह भी सुनिश्चित किया जाए कि करदाताओं में कोई भ्रम या असमंजस न फैले।
टैक्स प्रक्रिया होगी आसान
मंत्रालय के अधिकारियों ने यह भी बताया है कि नई योजना के तहत डिजिटल तरीके से टैक्स भुगतान को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे न केवल पारदर्शिता आएगी बल्कि भ्रष्टाचार पर भी लगाम लग सकेगी। खास बात यह है कि छोटे और मंझले व्यापारियों के लिए टैक्स दाखिल करने की प्रक्रिया को आसान और कम बोझिल बनाने का विचार है।
सरकार ने यह भी कहा है कि बजट सत्र में इस विधेयक को पेश करने से पहले सभी संबंधित पक्षों से चर्चा की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नया कानून सभी के हितों को ध्यान में रखे।
अगर यह नया कानून लागू होता है, तो यह भारत में कर सुधारों की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है। यह सिर्फ करदाताओं को राहत देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि देश की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती देगा।

